Monday, 28 April 2014

चुनाव

देखो-देखो कौन है ये, टोपी सर पर डाले
'हाथ', 'कमल' कोई और ले गया 'झाड़ू' तेरे पाले

कौन यहाँ नेता है मेरा, देखें चलकर रैली
सारे चक-चक चमक रहें हैं, किसकी चादर मैली ?

महँगी बिजली-पानी और महँगी है रोटी-तरकारी
बेरोज़गारी-लाचारी में, पिसती  ये जनता बेचारी

बेचैन हो रही भारत माता सुनकर इनके वादे
सस्ती भाषा बोल रहे सब, PM बनने के दावे

गर आँखों पर हाथ रखोगे फिर तो दुनिया अंधियारी है
सजग बनें और वोट करें, अब नव-युग की तैयारी है....अब नव-युग की तैयारी है

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